भास्कर संवाददाता | विदिशा एसएटीआई पॉलिटेक्निक कॉलेज के 130 टीचिंग और नॉन टीचिंग कर्मचारियों को 5 महीने से वेतन नहीं मिला है। टीचिंग स्टाफ को 5 महीने और नॉन टीचिंग स्टाफ को 4 महीने से वेतन नहीं दिया गया। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि शासन से ग्रांट नहीं आई है। इससे कर्मचारियों की आर्थिक हालत खराब हो गई है। वहीं कर्मचारियों बताया बच्चों की फीस, राशन, बिजली बिल और इंश्योरेंस की किश्तें तक नहीं भर पा रहे हैं। हर महीने वेतन का इंतजार करते हैं, लेकिन हर बार निराशा मिलती है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना वेतन काम करना मुश्किल हो गया है। परिवार के जरूरी काम भी रुक गए हैं। जल्द वेतन दिलाया जाएगा… कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नवीन गोयल ने बताया कि टीचिंग स्टाफ को 4 और नॉन टीचिंग स्टाफ को 2 महीने से वेतन नहीं मिला है। वेतन भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। जल्द वेतन दिलाया जाएगा। एसएटीआई डिग्री कॉलेज को 14 करोड़ और पॉलिटेक्निक कॉलेज को 6 करोड़ रुपए रिनोवेशन के लिए मिले हैं। इस राशि से मरम्मत का काम चल रहा है। शासन से हर साल पॉलिटेक्निक कॉलेज को 3.66 करोड़ रुपए की ग्रांट मिलती है। पिछले दो साल से 7.20 करोड़ रुपए की ग्रांट पेंडिंग है। लेकिन वेतन समय पर नहीं मिल रहा। विदिशा| स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के टीकाकरण, मरीजों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, गर्भवती महिलाओं की जांच और डिलीवरी की संख्या में कमी बताकर 55 से ज्यादा एएनएम और स्टाफ नर्सों का वेतन काट लिया है। किसी का 7 दिन तो किसी का 1 महीने का वेतन रोका गया है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है। वेतन के लिए अधिकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। विदिशा, नटेरन, शमशाबाद, पीपलखेड़ा, लटेरी, सिरोंज और ग्यारसपुर ब्लॉक में सबसे ज्यादा शिकायतें हैं। स्वास्थ्य केंद्र समय पर नहीं खुलते और जल्दी बंद हो जाते हैं। मैदानी कर्मचारियों का वेतन रोका जा रहा है, लेकिन मुख्यालय में बैठे कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल रहा है। टारगेट पूरा नहीं करने किया… सीएमएचओ डॉ. रामहित कुमार ने बताया कि टारगेट पूरा नहीं करने और लापरवाही पर वेतन काटा जाता है। जिनका काम सुधर रहा है, उनका वेतन एक-दो दिन में निकाल दिया जाएगा।


