20 लाख की ठगी, फर्जी चेक थमाया, बीएमओ गिरफ्तार

भास्कर न्यूज| महासमुंद एक तरफ लोग डॉक्टरों को भगवान मानते हैं, वहीं महासमुंद के बीएमओ डॉ. विकास चंद्राकर ने इस पेशे को शर्मसार कर दिया है। सरकारी डॉक्टर की नौकरी लगवाने का लालच देकर एक युवक से 20 लाख रुपए ऐंठने वाले इस अधिकारी को दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी इतना शातिर था कि पैसे वापस मांगने पर फर्जी चेक थमाकर प्रार्थी को दो साल तक गुमराह करता रहा। आरोपी डॉ विकास चन्द्राकर महासमुंद के तुुमगांव में बीएमओ के पद पर पदस्थ है। जो महासमुंद के त्रिमूर्ति कालोनी का रहने वाला है। मामला दुर्ग के अंजोरा निवासी सचिन मालगी से जुड़ा है। मई 2023 में बीएमओ विकास चंद्राकर ने सचिन को भरोसा दिलाया कि उनकी ऊंची पहुंच है और वे उसे सरकारी चिकित्सक की नौकरी लगवा देंगे। साहब की बातों में आकर सचिन ने 20 लाख रुपये उन्हें सौंप दिए। दो साल बीत गए, न नियुक्ति पत्र आया और न ही साहब का फोन। जब सचिन ने दबाव बनाया, तो बाद में आरोपी ने नौकरी नहीं लगने पर प्रार्थी और उसकी पत्नी के बैंक खातों में अलग-अलग किश्तों में 8 लाख रुपए वापस किए, लेकिन बाकी के 13 लाख रुपये डकार गए। शिकायत की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की पतासाजी कर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने डॉक्टर की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर प्रार्थी से 20 लाख रुपए लिए थे। ठगी की मंशा इतनी गहरी थी कि आरोपी बीएमओ ने बाकी पैसे चुकाने के लिए 5 लाख और 8 लाख के दो चेक तो दिए, लेकिन बैंक खाते में जानबूझकर पे-ऑप्शन एक्टिवेट ही नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि चेक बाउंस हो गए और सचिन को समझ आ गया कि उनके साथ प्रोफेशनल धोखाधड़ी हुई है। पुराना खिलाड़ी है आरोपी, सीजीपीएससी घोटाले से भी जुड़े तार: जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि डॉ. विकास चंद्राकर का दामन पहले से ही दागदार है। सीजीपीएससी मेन्स 2022 घोटाले में भी इनका नाम सामने आया था। जहां परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को बारनवापारा के रिसोर्ट में ठहराकर पर्चा सॉल्व कराया जाता था, जिसमें डॉक्टर साहब की अहम भूमिका थी। इस घोटाले को लेकर सीबीआई ने पहले भी कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। दुर्ग कोतवाली के टीआई नवीन राजपूत का कहना है कि आरोपी द्वारा जानबूझकर खाते की तकनीकी प्रक्रिया पूरी नहीं कराना उसकी धोखाधड़ी की मंशा को स्पष्ट करता है। इस आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने इस तरह की ठगी और लोगों से की है या नहीं।

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