भास्कर न्यूज|गढ़वा जनता दरबार में एक माह के दौरान सर्वािधक भीड़ लोगों की उमड़ रही है। 10 जून से 22 जुलाई तक आयोजित 12 जनता दरबार में 362 आवेदन पड़ें। जिसमें सर्वािधक मंईंयां योजना से संबंधित मामले आए। वहीं समाहरणालय में भीड़ उमड़ने का बड़ा कारण प्रखंड स्तर पर मामलों का निष्पादन नहीं किया जाना और लेटलतीफी होना बताया जा रहा है। नतीजा है कि जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र भंडरिया, धुरकी, केतार, चिनियां आदि जगहों से ग्रामीण पहुंच रहे हैं। मंगलवार के जनता दरबार में डीसी दिनेश कुमार यादव ने जिले के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनी। वहीं प्राप्त मामलों का निष्पादन के लिए संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को निर्देश दिया। जनता दरबार सप्ताह में दो दिन मंगलवार व शुक्रवार को आयोजित किया जाता है। आज के जनता दरबार में राशन, पेंशन, मंईयां सम्मान योजना, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन समेत अन्य समस्याओं को लेकर लोग उपस्थित हुए थे। कांडी प्रखंड के उगर गांव निवासी पूजा देवी ने वर्ष 2017 से अब तक राशन नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि जन वितरण प्रणाली के अंतर्गत वे ग्रीन कार्ड के लाभुक हैं। उन्होंने कहा कि संभवत: ग्रीन कार्ड होने की वजह से उन्हें राशन अभी तक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने उपायुक्त से अपने ग्रीन राशन कार्ड को लाल कार्ड में परिवर्तित कराने का अनुरोध किया है। रमना प्रखंड के मझिगांवा गांव निवासी प्रमोद पाल, सतीश पासवान व संयुक्ता कुमारी ने सामूहिक रूप से आवेदन देकर करते हुए मनरेगा के तहत कृत कार्य के विरुद्ध राशि का भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत की। सभी ने बताया कि वर्ष 2022-23 में उन्हें मुर्गी सेड निर्माण की स्वीकृति मिली थी। मुर्गी सेड का निर्माण कर देने के बाद आज तक मटेरियल राशि का भुगतान नहीं किया गया है। सभी ने मनरेगा के तहत कृत कार्य के विरुद्ध राशि का भुगतान करा दिए जाने का अनुरोध किया। रमकंडा प्रखंड के रमकंडा गांव निवासी इशहाक अंसारी ने आवेदन देकर गैर मजरुआ आम रास्ता को अपने ही गांव के दिलदार मियां व इसराफिल उर्फ सद्दाम अंसारी द्वारा अतिक्रमण कर लिए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि उक्त दोनों व्यक्तियों द्वारा आम रास्ता पर पक्का निर्माण करके रास्ता को बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत अंचल कार्यालय व अनुमंडल कार्यालय में भी की है परंतु अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी प्रकार अतिक्रमण किए जाने की शिकायत के संबंध में सदर प्रखंड के हूर मध्या गांव निवासी विनोद राम ने बताया कि उनके ही गांव के दबंगों ब्रजेश चौबे व अन्य के द्वारा उनके रैयती भूमि में अवैध निर्माण कर भूमि कब्जा करने का कार्य किया जा रहा है।


