2081 प्रकरणों का किया निस्तारण

भास्कर न्यूज | बारां राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बारां द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। जिसमें प्रकरणों को समझाइश के लिए रैफर किया गया। लोक अदालत में न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरण, चैक अनादरण के मामले, धन वसूली के मामले, मोटर एक्सीडेंट क्लेम के मामले, वैवाहिक विवादों से संबंधित मामले एवं बैंक ऋण से संबंधी प्रकरण एवं अन्य प्रकृति के राजस्व संबंधी प्रकरण, स्थायी लोक अदालत प्रकरण, प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को समझाइश के लिए रखा गया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बारां हिना परिहार ने बताया कि लोक अदालत के लिए बारां न्यायक्षेत्र की सभी अदालतों के द्वारा लगातार पक्षकारान के साथ समझाइश की जाती रही। इसके लिए लगातार स्वयं अधिकारियों ने भी प्री-काउंसलिंग की। जिससे लोक अदालत सफल हुई। राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालय में लंबित प्रकरणों के कुल 2081 प्रकरणों का राजीनामे के माध्यम से किया निस्तारण हुआ। लोक अदालत को सफल बनाने में न्यायिक अधिकारी न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय बारां शहनाज परवीन, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्रम-1 प्रमोद कुमार शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बारां कानाराम मीना, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट छबड़ा क्रम-1 संयोगिता, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट छबड़ा क्रम-2 अमरजीत सिंह, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अटरू शाइस्ता लोधी, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शाहबाद राजीव दत्तात्रेय, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट छीपाबड़ौद साक्षी चौधरी, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मांगरोल मीनाक्षी मीणा, न्यायिक मजिस्ट्रेट अंता सिद्धांत शर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट किशनगंज लोकेंद्र चौधरी उपस्थित रहे। लोक अदालत में बेंच के राजस्व अधिकारी एवं सदस्य कमलेश दुबे अधिवक्ता, चंद्रप्रकाश यादव , राजेंद्र कुमार सुमन अधिवक्ता, अरविंद सिंह हाड़ा अधिवक्ता, संदीप सोलंकी अधिवक्ता, सुरेंद्र कुमार भार्गव अधिवक्ता, कृष्णमुरारी सेन अधिवक्ता, अरविंद कुमार शर्मा अधिवक्ता, महेंद्र गुर्जर अधिवक्ता, चंद्रप्रकाश पारेता अधिवक्ता उपस्थित रहे। पारिवारिक प्रकरणों में करवाया राजीनामा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बारां हिना परिहार ने बताया कि लोक अदालत में पारिवारिक प्रकरणों में विशेष प्रयास करते हुए प्रकरणों में सुलह वार्ता कराते हुए दंपत्तियों को साथ रहने के लिए सहमत कराया। दंपत्तियों ने अपने सुखद जीवन के लिए आशीर्वाद लेकर जीवनभर मन मुटाव को दूर कर साथ रहने का संकल्प लेकर साथ-साथ घर रवाना हुए।

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