गर्जना करते कदम, जोश से भरे नारे और अनुशासन से सजे चेहरे। रांची विवि का परिसर मंगलवार को दीक्षांत मंडप बिल्कुल सैन्य मैदान की तरह नजर आया। एनएसएस द्वारा आयोजित पूर्व गणतंत्र दिवस परेड चयन शिविर में युवाओं ने अपनी ऊर्जा से दिल जीत लिया। उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा- शिक्षा का लक्ष्य सेवा है, डिग्री नहीं। उन्होंने युवाओं को समझाया कि शिक्षा तभी सार्थक है जब वह समाज और मानवता की सेवा में उतरे। इस सलेक्शन कैंप में विवि और 25 कॉलेजों से आए 200 से अधिक एनएसएस वॉलेंटियर शामिल हुए। 30 युवाओं का चयन किया गया। इसमें 15 छात्र व 15 छात्राएं शामिल हैं। चयनित युवा राज्य स्तरीय पूर्व गणतंत्र दिवस शिविर में शामिल होंगे। व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम डीएसडब्ल्यू प्रो. (डॉ.) सुदेश कुमार साहू ने कहा कि एनएसएस सिर्फ सेवा का मंच नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम है। एनएसएस के यूनिवर्सिटी कोऑर्डिनेटर डॉ. ब्रजेश कुमार ने नशा मुक्ति अभियान को जन-आंदोलन बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। सीसीडीसी डॉ. पीके झा ने कहा कि एनएसएस एक्टिविटी में शामिल होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। चयन में इनकी रही भूमिका निर्णायक की भूमिका एनसीसी के डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार सिंह व डॉ. गणेश चंद्र बास्के, वरिष्ठ कैडेट्स और पूर्व गणतंत्र दिवस परेड प्रतिभागियों ने निभाई। चयन का आधार रहा- कदमताल की सटीकता व सांस्कृतिक प्रस्तुति में दमदार अभिव्यक्ति। सभी स्वयंसेवकों ने एक स्वर में संकल्प लिया- सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः। पूरा परिसर देशभक्ति के जज्बे से गूंज उठा।


