27वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भाग लेने के बाद गुरुवार को कंद्रीय गढ़ एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेताजी के साथ अन पचारिक रूप से बैठे। शाह का पूरा फोकस संगठन को मजबूत करने पर रहा। उन्होंने निर्देश दिया कि गांव-गांव जाएं और संगठन को मजबूत करें। आम लोगों की समरयाओं के समाधान के लिए आंदोलन तेज करें। बैठक दो चरणों में हुई। पहले चरण में उन्होंने बाबूलाल मरांडी, चांपाई सोरेन और प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह के साथ परामर्श किया। फिर, रघुवर दास के साथ कई विषयों पर अलग से वन-टू-वन चर्चा की। दोनों बैठक करीब एक घंटे तक चली इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने पार्टी, संगठन, झारखंड की राजनीतिक स्थिति और राज्य सरकार के कामकाज पर चर्चा की। भाजपा नेताओं ने बताया… सांगठनिक और राजनीतिक विषयों पर हुआ मंथन अमित शाह से मिलने के बाद भाजपा नेताओं ने जानकारी दी कि उनसे सांगठनिक और राजनीतिक विषयों पर चर्चा हुई। बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर बताया है कि केंद्रीय गृह मंत्री ने सांगठनिक और कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। जबकि कर्मवीर सिंह ने भी सीशल मीडिया में अमित शाह के साथ विभिन विषयों पर चर्चा की बात कही। गुरुवार को पार्टी के चार महत्वपूर्ण नेताओं से दो चरणों में हुई बातचीत काफी महत्वपूर्ण समझी जा रही है। बताया गया है कि अमित शाह ने चारों नेताओं को संगठन की मजबूती के लिए मिल कर काम करने पर बल दिया है। ष्टाचार व घुसपैठ समेत कई मुद्दे रेखांकित किए प्रदेश भाजपा के नेताओं ने राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के साथ साथ सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार, लव जेहाद, बांग्लादेशी घुसपैठ और आदिवासियों पर हो रहे हमले को रेखांकित किया। वहीं साहिबगंज के भोगनाडीह में सिदो-कान्हू के वंशजों समेत आम आदिवासियों पर हुए लाठी चार्ज की भी चर्चा की। पैसे होने के बावजूद कई विभागों के शून्य खर्च को भी आंकड़े समेत अन्य मुद्दों को भी भाजपा नेताओं ने अमित शाह के समक्ष रखा।


