बीजापुर| जिले के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक जैतालूर मेले का समापन बुधवार को हुआ। इस मौके पर मां कोदई की पूजा-अर्चना की गई। जैतालूर मेला क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। मान्यता है कि मां कोदई की कृपा से इलाके में सुख-शांति, अच्छी फसल और समृद्धि बनी रहती है। आसपास के गांवों में माता को रक्षा की देवी के रूप में पूजा जाता है। मेले की विशेष पहचान ये है कि मां कोदई को कोसे की साड़ी से सजाया जाता है। मेले के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाज से विशेष पूजा, आरती और अनुष्ठान किए जाते हैं। भक्त उन्हें उजाला, नारियल, चुनरी और प्रसाद अर्पित करते हैं। 3 दिन चलने वाले इस मेले में आदिवासी समाज की लोक संस्कृति झलकती है।


