सीहोर जिले के ग्राम चंदेरी में प्याज के दाम गिरने से परेशान किसानों ने सोमवार सुबह भोपाल-बिलकिसगंज हाईवे पर राहगीरों को मुफ्त में प्याज बांटी। किसानों का कहना था कि कम कीमत पर बेचने से अच्छा है कि यह किसी के काम आ जाए। किसान और समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने बताया कि मंडी में प्याज की कीमत मात्र 10 रुपए प्रति कट्टी (40 पैसे प्रति किलोग्राम) हो गई है। इतनी कम कीमत पर किसानों का भाड़ा भी नहीं निकल पा रहा है, जिससे उनकी मेहनत और लागत बेकार जा रही है। मंडियों और सड़कों पर फेंकने को मजबूर
किसानों ने यह भी बताया कि कई किसान अपनी प्याज मंडियों और सड़कों पर फेंकने को मजबूर हो गए हैं। उनका कहना है कि जब उपज का उचित दाम ही नहीं मिल रहा, तो उसे मंडी तक ले जाने का कोई फायदा नहीं है। इसी स्थिति को देखते हुए ग्राम चंदेरी के किसानों ने हाईवे से गुजरने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों को रोककर दिनभर मुफ्त में प्याज वितरित की। किसानों का उद्देश्य था कि उनकी बेकार जा रही उपज शहरवासियों के उपयोग में आ सके। किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि प्याज को भावांतर योजना के तहत खरीदा जाए। इसके अतिरिक्त, जिन किसानों को नुकसान हुआ है, उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।


