भास्कर न्यूज | अंबिकापुर/मैनपाट सरगुजा जिले मैनपाट में मांझी जनजाति की बच्चियों को पैसों का लालच देकर चर्च बुलाकर धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। धर्म रक्षा समिति के की रिपोर्ट पर पुलिस ने महिला को गिरफ्तार किया है। समिति के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि पिछले तीन साल से शिकायत मिल रही थी कि मैनपाट के सरभंजा गांव की आरती मांझी बरिमा चर्च जाती है। वह गांव के गरीब लोगों को भी गरीबी दूर करने व बीमारी भगाने का लालच देकर चर्च जाने के लिए प्रेरित करती है। रविवार को आरती चार बच्चियों को पैदल ही गांव से 10 किमी दूर चर्च ले गई। वह दोपहर में चर्च से लौट रही थी, तो समिति के लोगों ने रास्ते में ही उसे पकड़ लिया। बच्चियों ने बताया कि उन्हें चर्च जाने के लिए पैसे मिलते हैं। चारों बच्चियों से 40-40 रुपए भी मिले। बच्चियों के अनुसार चर्च वालों ने कहा था कि इससे नाश्ता कर लेना। आरोप है कि आरती मांझी बच्चियों को बहला-फुसला कर हर रविवार चर्च में प्रार्थना कराने ले जाती है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वहीं आरती ने समिति के सदस्यों से कहा कि तीन साल पहले पेट का कैंसर हो गया था। वह चर्च जाने लगी, तो कैंसर ठीक हो गया। जबकि आरती के पड़ोसियों के अनुसार उसे कोई बीमारी नहीं थी। मालूम हो कि आरती और उसका पति पहले मजदूरी करते थे। अब बिना काम किए ही घर चल रहा है। आरोप है कि धर्मांतरण कराने और विशेष धर्म का प्रचार-प्रसार करने के लिए रकम मिलती है। सोमवार को धर्म रक्षा समिति के साथ बच्चियों के पिता विजय मांझी, पवन मांझी और डहरु मांझी के साथ बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे और धर्मांतरण की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1968 की धारा 5(क) के तहत अपराध दर्ज कर चार घंटे के भीतर ही आरोपी आरती मांझी पति संतराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आगे की कार्रवाई जारी है। विजय मांझी ने बताया कि आरती पहले उसे भी चर्च जाने के लिए कहती थी। अब उनकी बच्चियों को घरवालों की जानकारी के बिना चर्च ले गई थी। महिला के साथ बच्चियों का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद दिलवर यादव ने थाने में धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। मामले में पुलिस ने गंभीरता दिखाई और आरती मांझी को गिरफ्तार किया है। उसे रिमांड पर भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है। -अमोलक सिंह ढिल्लो, एएसपी, सरगुजा


