राजधानी रांची की सड़कों की मरम्मत पर हर साल करोड़ों रुपए खर्र्च किए जाते हैं। मगर हालत यह है कि शहर की सड़कें पहली बारिश भी नहीं झेल पातीं। रांची के वीआईपी रोड हरमू बाइपास की स्थिति खास है, क्योंकि इस सड़क पर वीआईपी मूवमेंट सबसे अधिक होता है। इस सड़क पर साल में कम से कम एक बार तो अलकतरा की परत जरूर चढ़ती है। 15 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस से पहले इस पर अलकतरा की परत चढ़ना तय है। मगर इस बार छह महीने में दो बार इसकी पीचिंग हुई। क्योंकि राष्ट्रपति के आगमन को लेकर इस सड़क की मरम्मत की गई थी, जिसमें 8 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। इसके अलावा शहर की बाइलेन की स्थिति सबसे खराब है। इनमें से लेक रोड और अपर बाजार का लालजी हीरजी रोड इतने हो गए खराब थे कि मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। हाईकोर्ट के निर्देश पर दोनों सड़कों को बनाने की तैयारी है। जब बनने में देर होने लगी तो आनन-फानन में 15 लाख खर्च कर गड्ढों की चिपिंग की गई। लेकिन मानसून की पहली बारिश में ही चिपिंग बह गई। 15 लाख रुपए पानी में बह गए। हालांकि इन सड़कों का टेंडर हो चुका है, फिर से बरसात में ही सड़क बनाने की तैयारी है। अगर बना दी गई तो फिर पैसे पानी में जाएंगे। इस संबंध में जब पथ निर्माण विभाग, रांची के कार्यपालक अभियंता विनोद कच्छप से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। उनका मोबाइल लगातार नेटवर्क एरिया से बाहर बताता रहा। मैसेज करने पर भी संपर्क स्थापित नहीं हो सका। फिर से जर्जर… लालजी हीरजी रोड और लेक रोड की हुई थी 15 लाख से चिपिंग स्टेट बैंक अॉफिस कचहरी के पास सड़क हाल ही में बनी है। लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अलकतरा बह गया और गिट्टी उखड़ कर फैल गई। सड़क हाथ में ! हरमू बाइपास रोड… फरवरी में राष्ट्रपति के आगमन से पहले बनी थी सड़क रांची के वीआईपी मूवमेंट के लिए अहम सड़क हरमू रोड बाइपास है, इसकी मरम्मत को महज पांच महीने हुए हैं। यह सड़क कई स्थानों पर टूट-फूट गई है, कई जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। पिछले 14 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के रांची आगमन पर इस सड़क को करीब आठ करोड़ खर्च कर बनाया गया था। यह सड़क पहली बारिश भी नहीं झेल पाई। गौशाला चौक, पुरानी रांची चौक, कार्तिक उरांव चौक, हरमू चौक, अरगोड़ा चौक, डीपीएस चौक के पास सड़क उखड़ गई है। शहर की दो सड़कें लेक रोड और लालजी हीरजी रोड कभी ठीक नहीं रही। अपर बाजार एवं मेन रोड जाने के लिए ये दोनों प्रमुख पहुंच पथ हैं। अपर बाजार एवं व्यवसायिक गतिविधियों का इलाका होने के कारण इन दोनों सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। इन सड़कों का मामला हाईकोर्ट भी गया। इसके बाद 3 करोड़ रुपए से इस सड़क के निर्माण के लिए एक महीने पहले निविदा भी निकाली गई है। मगर बारिश के पूर्व इसे शुरू नहीं किया जा सका। बारिश के पहले और कोर्ट की फटकार के बाद आनन-फानन में करीब 15 लाख रुपए से इसकी चिपिंग की गई। मगर यह कारगर साबित नहीं हुआ और पहली ही बारिश में दोनों सड़क फिर से खराब हो गई।


