भास्कर न्यूज | अंबिकापुर/सीतापुर शहर सहित संभाग में शनिवार को दोपहर बाद मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। पहले करीब 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में तेज हवा चली और पूरा इलाका धूल के गुबार में ढंक गया। गनीमत ये रही कि कुछ ही देर में बारिश हुई और धूल से राहत मिली। बारिश ने पूरे इलाके को सराबोर कर दिया। इस बीच कई जगहों पर तेज गर्जन के साथ आकाशीय बिजली (गाज) भी गिरी। सरगुजा जिले के मैनपाट इलाके में तो गाज की चपेट में आकर एक शिक्षक की जान चली गई। करीब 15 मिनट बाद हवा की रफ्तार कम तो हुई लेकिन तब तक शहर की बिजली व्यवस्था में कई जगह फाल्ट आ चुका था और शहर सहित आसपास के इलाके में सप्लाई बंद हो गई। इस दौरान शहर में करीब 20 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इससे मौसम ठंडा हो गया है लेकिन आंधी में कई जगह छोटे मोटे नुकसान भी हुआ। इसका सबसे ज्यादा असर शहर की बिजली व्यवस्था पर पड़ा है। 33 केवी, 11 केवी व एलटी लाइन में कई जगह फाल्ट आ गया है जिससे शहर की बिजली शाम तक गुल रही। विद्युत अमला फाल्ट को ठीक करने में जुटा रहा लेकिन देर शाम तक आधे शहर में सप्लाई शुरू नहीं हो पायी थी। बारिश व हवा चलने से गर्मी के तेवर नरम हो गए हैं। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री तक पहुंचा था लेकिन शनिवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक आ गया था। इससे गर्मी का असर कम हो गया है। शहर का न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश से रात के तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जाएगी। सीतापुर केसला निवासी शिक्षक हरिश कुमार एक्का ग्राम तमता रिश्तेदारी में गए थे। लौटते वक्त मौसम खराब होने पर राजौटी चौक पर खड़े थे। इसी दौरान गाज चौक के पास गिरी और हरिश इसकी चपेट में आकर बेहोश हो गए। लोगों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केँद्र सीतापुर पहुंचाया। डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शिक्षक मैनपाट ब्लॉक के ग्राम पंचायत कुनकुरी के माध्यमिक शाला में शिक्षक के पद पर पदस्थ थे। आंधी बारिश में शहर के विशुनपुर इलाके में बांस के संपर्क में आने से 33 केवी लाइन आपस में सट गए और लाइन में फाल्ट आ गया। इससे तकिया स्थित सब स्टेशन व नया बस स्टैंड सब स्टेशन में लाइन बंद हो गई। इन दोनों सब स्टेशन से शहर के बौरीपारा, शिकारी रोड, डीसी रोड, बाबूपारा, नया बस स्टैंड सहित कई इलाकों में लाइन जाती है। इससे इन इलाकों की लाइन बंद हो गई। 11 केवी की लाइन में फाल्ट आया है। ^अंबिकापुर मौसम विज्ञान केंद्र के मेट्रोलॉजिस्ट एएम भट्ट ने बताया कि उत्तर में एक ताकतवर पश्चिमी विक्षोभ बना है। इससे पहले उत्तर से दक्षिण तक व पूर्व से पश्चिम तक द्रोणिका बनी हुई थी। एक साथ तीन सिस्टम बनने से बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। इससे बादल छा रहे हैं और तेज हवा चल रही है। अगले दो दिन तक मौसम के इस तरह रहने की संभावना है। इसका प्रभाव उत्तर छत्तीसगढ़ में ज्यादा है। एएम भट्ट, विज्ञानी


