56 किमी नहर बनाने के बजाय अब पाइप बिछाकर तांदुला में लाएंगे गंगरेल का पानी

ब्रजेश पांडेय सिंचाई विभाग के एक हजार करोड़ की तांदुला जलाशय जल संवर्धन योजना (महानदी तांदुला पाईप लाईन लिंक परियोजना) को शासन ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत 56 किमी नहर बनाने के बजाय पाइप बिछाकर धमतरी के गंगरेल बांध का पानी बालोद के तांदुला में लाया जाएगा। जिसकी पुष्टि सोमवार को सिंचाई विभाग ने किया है। पहले 56 किमी नहर बनाकर पानी लाने की प्लानिंग बनी थी। जिसमें बदलाव किया गया है। प्लानिंग के साथ नाम में बदलाव हुआ है। पहले तांदुला-गंगरेल लिंक नहर परियोजना से काम पूरा कराना था लेकिन राशि मंजूर नहीं होने व महानदी विवाद की वजह से मामला अटका रहा। अब महानदी तांदुला पाइपलाइन लिंक परियोजना के तहत काम कराने की प्लानिंग बनी है। हालांकि अब तक महानदी विवाद का निराकरण नहीं हो पाया है। नवीन मद के तहत प्लानिंग अनुसार काम कराने सिंचाई विभाग सर्वे कर डीपीआर तैयार करेगी। फिलहाल वृहद सिंचाई परियोजना नाबार्ड पोषित योजनाएं(सामान्य) के तहत मंजूरी देकर राज्य शासन ने बजट में शामिल कर 80 करोड़ खर्च रुपए का प्रावधान किया है। सिंचाई विभाग के ईई पीयूष देवांगन, एसडीओ एचएल साहू ने बताया कि नवीन मद में शामिल कई योजनाओं के तहत काम कराने शासन स्तर से प्रारंभिक सहमति देकर बजट में शामिल किया है। जिसमें गंगरेल के पानी को तांदुला में लाने संबंधित काम भी शामिल है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों राज्य में एक पार्टी की सरकार है। इस वजह से विवाद खत्म होने की उम्मीद है। इसके पहले अलग पार्टी की सरकार होने की वजह से महानदी जल विवाद सुलझ नहीं पाया है। जल विवाद मामले में लगभग 30 बार सुनवाई हो चुकी है लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। लिंक नहर प्रोजेक्ट 2012-13 (भाजपा कार्यकाल), 2018-19 (कांग्रेस कार्यकाल) के बजट में शामिल हो चुका है। इसके अलावा प्रारंभिक सर्वे हो चुका है। लिंक नहर का कनेक्शन सीधा महानदी से है। इस वजह से ओडिशा सरकार चाह रही है कि धमतरी के गंगरेल का पानी ओवरफ्लो के बाद महानदी में पहुंचे। जिसका उपयोग कर सकें। सिंचाई विभाग के अनुसार पाइपलाइन के माध्यम से गोंदली का पानी तांदुला के कैचमेंट में पहुंचेगा। हालांकि काम कब तक शुरु होगा स्पष्ट नहीं है। दरअसल इसके पहले वर्ष 2012-13, 2018-19 के बजट में तांदुला गंगरेल लिंक नहर परियोजना के तहत प्रस्तावित कार्यों को शामिल किया गया था लेकिन दो राज्य ओडिशा व छत्तीसगढ़ के बीच तकरार होने की वजह से मामला अटका रहा। तीन जिले बालोद, दुर्ग व बेमेतरा जिलेवासियों से जुड़ी परियोजना को लेकर स्थानीय अफसर तर्क दे रहें है कि शासन स्तर से मामला अटका है। काम पूरा कराने लगभग एक करोड़ खर्च होने का अनुमान है। 3 जिले के 34 लाख लोगों के लिए प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण तीन जिले बालोद, दुर्ग, बेमेतरा की 34 लाख जनसंख्या के आधार पर लिंक नहर परियोजना के तहत काम कराने की प्लानिंग बनी है। जिसका उद्देश्य यह है कि किसानों को सिंचाई व आम लोगों को कभी पेयजल संकट से न जूझना पड़े। तांदुला के पानी को जल आवर्धन योजना के तहत वर्तमान में फिल्टर करने के बाद बालोद शहर के घरों में सप्लाई की जा रही है। तीन जिले बालोद, दुर्ग व बेमेतरा जिलेवासियों से जुड़ी परियोजना को लेकर स्थानीय अफसर तर्क दे रहें है कि शासन स्तर से मामला अटका है। सिंचाई विभाग के अनुसार वर्तमान में 82%पानी है। लिंक नहर के तहत जब काम पूरा होगा, तब शत प्रतिशत पानी स्टोरेज रहेगा।

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