773 मुकदमे कम दर्ज हुए:बीकानेर रेंज में दुष्कर्म, बलवा और नकबजनी कम होने से पुलिस के साथ आम नागरिकों को मिली राहत

बीकानेर रेंज के चारों जिलों में दुष्कर्म, बलवा और नकबजनी जैसे अपराध कम होने से पुलिस को राहत मिली है। पुलिस थानों में 773 मुकदमे भी कम दर्ज हुए हैं। रेंज के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और अनूपगढ़ जिलों में वर्ष, 22 की तुलना में वर्ष, 23 में अपराध का ग्राफ तेजी से ऊपर गया, लेकिन वर्ष, 23 की तुलना में वर्ष, 24 में अपराधों में कमी आई और पुलिस थानों में मुकदमों की संख्या 773 कम हो गई। इनमें दुष्कर्म, बलवा, नकबजनी जैसे अपराध कम होने पर रेंज के पुलिस अधिकारियों और आमजन को भी राहत मिली है। ‘भास्कर’ ने बीकानेर रेंज के चारों जिलों में पिछले तीन सालों के दौरान हुए अपराधों की पड़ताल की। सामने आया वर्ष, 22 में चारों जिलों में 17,199 केस दर्ज हुए। वर्ष, 23 में यह आंकड़ा तेजी से बढ़कर 18,606 पहुंच गया। हालांकि, हनुमानगढ़ में और अनूपगढ़ में इस दौरान मुकदमों की संख्या कम रही, लेकिन बीकानेर-श्रीगंगानगर में बढ़ोतरी हुई। बीकानेर में तो अपराध का ग्राफ सबसे ज्यादा ऊपर गया और 5270 से 6200 तक पहुंच गया। लेकिन, वर्ष 24 में रेंज में अपराध और मुकदमों की संख्या कम हो गई। वर्ष, 23 की तुलना में पिछले साल चारों जिलों में मुकदमे कम दर्ज हुए। खास बात यह रही कि महिलाओं से दुष्कर्म कम हुए जो पुलिस अधिकारियों के लिए राहत की बात थी। तीन सालों में तो 1.91 प्रतिशत अपराध ज्यादा हुए, लेकिन पिछले दो सालों की तुलना में 4.15 प्रतिशत कम हो गए। महिला अत्याचार: 3 साल में 3.05% बढ़ा, 2 साल में 4.16% घटा बीकानेर रेंज में महिलाओं पर अत्याचार के मामले पिछले तीन साल में 4.16 प्रतिशत बढ़े हैं। लेकिन, दो सालों की तुलना में 4.16 प्रतिशत कम हो गए। तीन और दो सालों में प्रतिशत का आंकड़ा बीकानेर में 14.31 और -2.87 प्रतिशत, श्रीगंगानगर में 10.31 और 3.28 प्रतिशत, हनुमानगढ़ में -5.96 और -1.78 प्रतिशत, अनूपगढ़ में -9.90 व -21.29 प्रतिशत रहा। अपराधियों पर लगातार कार्रवाईसे कम हुए अपराध : आईजी बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश का कहना है कि रेंज के चारों जिलों में अपराधियों पर लगातार कार्यवाही से अपराध कम हुए हैं। वर्ष, 23 की तुलना में 24 में 773 मुकदमे कम दर्ज हुए। पुलिस की ओर से चलाए गए एरिया डोमिनेशन, वांटेड अभियुक्तों को पकड़ने का अभियान, बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाना की कार्य योजना और मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के पीछे पड़ने का इसमें बड़ा रोल रहा है। नए साल में भी अपराधियों पर शिकंजा कसने की प्लानिंग की जा रही है जिसे जल्दी ही मूर्त रूप देंगे।

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