साल 2024 को राजस्थान के इतिहास में विकास वर्ष के रूप में जाना जाएगा। यह कहना है उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी का। उन्होंने बताया- राज्य सरकार ने बजट में घोषित इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए मजबूती से प्रयास किए औऱ यही कारण है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग ने राज्य में बन रहे नौ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस हाईवे के लिए 30 करोड़ की लागत से डीपीआर बनाने का काम शुरु कर दिया है।
उन्होंने बताया कि राज्य में टोल कलेक्शन को पारदर्शी बनाने के लिए सभी टोल प्लाजा पर फास्ट-टैग अनिवार्य कर दिया गया है। इससे राज्य राज-मार्गों से होने वाली आय में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। दिया कुमारी ने कहा कि फास्ट-टैग से टोल कलेक्शन का फ़ैसला, राजस्थान में पीपीपी मोड पर आधारभूत ढांचे के विकास में दूरगामी फ़ैसला साबित होगा। सार्वजनिक निर्माण विभाग की सेवा एप लॉन्च
उन्होंने बताया- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुसार टेक्नोलोजी और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग की सेवा एप को लॉन्च किया गया है, जिस पर आम नागरिक सड़कों की स्थिति के बारे में शिकायत अधिकारियों तक पहुंचा सकता है और उस पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सड़कों की स्थिति को सुधारने के लिए अधिकारियों को लगातार फील्ड में रहने के भी निर्देश दिए है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आधारभूत ढांचे के विकास से अर्थव्यस्था की नसों को मज़बूत किया जा रहा है, जिससे शहरी औऱ ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को रोज़गार के भरपूर अवसर मिले और उद्योग धंधों के विकास के साथ साथ स्वरोजगार के अवसरों में भी उत्तरोत्तर वृद्धि हो। उन्होंने बताया- हमारा प्रयास रहा है कि स्थानीय अर्थव्यवस्था में हस्तकारों, शिल्पकारों औऱ महिला उद्यमियों की भी समुचित भागीदारी हो। 14679 करोड़ रुपए के लागत से 20470 किलोमीटर सड़कों का विकास कार्य किया
उन्होंने बताया- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में साल 2024 में राज्य में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए 14679 करोड़ रुपए के लागत से 20470 किलोमीटर सड़कों का विकास कार्य किया गया है, जिसमें से 8868 किमी नई सड़कें है। इसके साथ ही ग्रामीण सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए 4228 किमी मिसिंग लिंक सड़कों का भी निर्माण किया गया है। दस हज़ार से ज्यादा आबादी वाले गांवों में अटल प्रगति पथ बनाए जा रहे है।
राजस्थान राज्य राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए 326 किमी सड़कों का निर्माण पीपीपी-वीजीएफ-एन्यूटी-ईपीसी के नियमों के तहत किया जा रहा है। इनमें से 7 परियोजनाओं को काम एक वर्ष में पूरा कर लिया गया है औऱ 6 अन्य परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। राज्य की प्रत्येक विधानसभा 5 करोड़ की लागत से 3220 किमी मिसिंग लिंक औऱ नॉन-पेचेबल सड़कों के काम स्वीकृत किये गए, जिन्हें 31 जुलाई, 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। पश्चिमी सीमा क्षेत्र में बार्डर चौकियों तक सड़कों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थायी मरम्मत के लिए 964.43 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने बताया कि वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थायी मरम्मत के लिए 964.43 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है और इस राशि से प्रदेश में वर्षा से क्षतिग्रस्त लगभग 2328 कार्यों की स्थायी मरम्मत करवाई जाएगी। इस राशि से सड़क पुल आदि की मरम्मत करवाई जाएगी। पीएम गति-शक्ति योजना से ली प्रेरणा उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी बताया- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को मूर्त रूप देने के लिए पीएम गति-शक्ति योजना से प्रेरणा लेते हुए हमने चार स्टेट-हाईवेज पर इंटेलीजेन्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम प्रणाली को लागू करने का नीतिगत निर्णय लिया, ब्लैक स्पॉट में इंजीनियरिंग सुधार औऱ पर्यावरण सरंक्षण को बढ़ावा देने के लिए बायो बिटुमिन के उपयोग के निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के पहले ही साल में आयोजित हुए राइजिंग राजस्थान समिट की सफलता इस बात का प्रमाण है कि निवेशक राज्य की डबल-इंजन सरकार की गति औऱ राजस्थान की विकास गाथा का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक है।


