रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अपना पहला खिताब जीता। टीम ने फाइनल में पंजाब किंग्स को 6 रन से हराया। RCB की इस जीत के साथ 18वें सीजन में IPL को 8वां चैंपियन मिला। RCB के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन का जश्न छत्तीसगढ़ की राजधानी में भी मनाया गया। देर रात RCB फैंस ढोल लेकर पहुंचे और लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। RCB के मैच जीतने के बाद जयस्तंभ चौक में क्रिकेट फैंस जुटे और RCB और विराट कोहली के नारे लगाते रहे। लोगों ने कहा कि कोहली ने कर दिखाया। RCB की जीत और रायपुर में जश्न की तस्वीरें… सड़क पर जाम लगा आम तौर पर जब भारत क्रिकेट मैच जीतती है, तब जयस्तंभ चौक में जीत का जश्न मनाने लोगों का हुजूम उमड़ पड़ता है। लेकिन ऐसा पहली बार देखने को मिला जब IPL फाइनल मुकाबले में RCB की जीत का जश्न मानने लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। इस दौरान लोगों की भीड़ इतनी पहुंच गई मेन रोड जाम हो गई। वहीं तेलीबांधा तालाब के पास भी RCB के फैंस ने जमकर आतिशबाजी की और लोग RCB की जर्सी में नजर आए। फाइनल मैच को लेकर खुमारी इस तरह थी कि रायपुर के क्लब, रेस्टोरेंट, मॉल्स में बड़ी संख्या में लोग मैच देखने जुटे थे। यहां तक की कैफे में भी बड़ी स्क्रीन लगाकर लोगों ने IPL मैच देखा। देखिए यह तस्वीर…जिसका इंतजार RCB फैंस 18 साल से कर रहे थे… RCB की जीत, कोहली के इमोशंस बेंगलुरु की जीत के हीरो क्रुणाल पंड्या: पावरप्ले के बाद बॉलिंग करने आए क्रुणाल ने पहले ओवर में 3 ही रन दिए। उन्होंने दूसरे ओवर में प्रभसिमरन को पवेलियन भेजा। फिर अपने स्पेल के आखिरी ओवर में जोश इंग्लिस का बड़ा विकेट भी लिया। क्रुणाल ने 4 ओवर में महज 17 रन दिए। भुवनेश्वर कुमार: नई गेंद से बॉलिंग करने आए भूवी ने शुरुआती 2 ओवर में महज 17 रन दिए। फिर पारी के 17वें ओवर में 3 गेंद के अंदर निहाल वाधेरा और मार्कस स्टोयनिस को पवेलियन भेज कर मैच बेंगलुरु की झोली में डाल दिया। विराट कोहली: RCB से ओपनिंग करने उतरे विराट के सामने फिल सॉल्ट दूसरे ही ओवर में आउट हो गए। यहां से उन्होंने संभलकर पारी आगे बढ़ाई और ज्यादा विकेट नहीं गिरने दिए। कोहली ने 35 गेंद पर 43 रन की धीमी, लेकिन उपयोगी पारी खेली। वे 15वें ओवर में आउट हुए, लेकिन टीम को कोलेप्स से बचा लिया। जितेश शर्मा: नंबर-6 पर बैटिंग करने उतरे जितेश ने 2 चौके और 2 छक्के लगाकर 24 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 240 का रहा। उनकी पारी ने ही RCB को 190 के चैलेंजिंग स्कोर तक पहुंचाया। कैसे पिछड़ी पंजाब, 2 वजहें 1. ओस का साथ नहीं मिला क्वालिफायर-2 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ पंजाब ने 204 रन का टारगेट चेज किया, लेकिन तब दूसरी पारी में ओस ने बैटर्स का काम आसान कर दिया था। फाइनल में ओस नहीं आई, जिस कारण बेंगलुरु के स्पिनर्स ने रन कम देकर मैच पर पकड़ बना ली। 2. प्रेशर में बिखरे बल्लेबाज पंजाब के बैटर्स फाइनल में 191 रन के टारगेट के सामने बिखर गए। पूरे सीजन तेज बैटिंग करने वाले प्रभसिमरन 22 गेंद पर 26 रन ही बना पाए। वहीं नेहल वाधेरा के बैट से 18 गेंद पर महज 15 रन निकले। दोनों मिलकर 40 गेंदों पर 41 रन ही बना पाए। 6 रन की हार में दोनों बैटर्स की धीमी बैटिंग बड़ा कारण रही। फाइनल मैच का टर्निंग पॉइंट 191 रन के चेज में पंजाब 9 ओवर में मजबूत स्थिति में था। 10वें ओवर में रोमारियो शेफर्ड ने पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर को कॉट बिहाइंड करा दिया। वे 1 ही रन बना सके, उन्होंने पिछले मैच में 87 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। 13वें ओवर में फिर क्रुणाल ने जोश इंग्लिस को कैच करा दिया। वे 4 छक्कों की मदद से 39 रन बनाकर आउट हुए। इंग्लिस के विकेट के बाद पंजाब वापसी नहीं कर सकी।


