शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने एस.जी.पी.सी. मुख्य कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बाढ़ पीड़ितों के लिए चल रहे राहत कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुरूआती दौर में गुरुद्वारों के मैनेजरों को राशन और पानी पहुंचाने के आदेश दिए गए थे। अब जब पुनर्वास की प्रक्रिया हो रही है, तो एस.जी.पी.सी. की ओर से डीजल उपलब्ध करवा कर बांधों की मरम्मत में सहयोग दिया जा रहा है। धामी ने बताया कि खेमकरण सीमा पर 6000 लीटर डीजल, सुल्तानपुर लोधी में 11000 लीटर और 25 सितंबर को और 8000 लीटर भेजा जाएगा। इसी तरह डेरा बाबा नानक कॉरिडोर के पास चल रही सेवा के लिए पहले ही 5000 लीटर डीजल भेजा जा चुका है और जल्द ही और 5000 लीटर भेजा जाएगा। एस.जी.पी.सी. प्रमुख ने कहा कि हालाँकि पुनर्वास की जिम्मेदारी सरकार की है, लेकिन मानवता के प्रति कर्तव्य निभाने के लिए पूरा पंजाब आगे आ रहा है। उन्होंने बताया कि शिरोमणि कमेटी के पोर्टल पर खर्चे और आमदनी की पूरी जानकारी लगातार साझा की जा रही है। फंड इकट्ठा करने का विवरण साझा करते हुए धामी ने कहा कि: मेम्बर साहिबान द्वारा 3 लाख 41 हजार रुपए, मेम्बर कुलवंत सिंह कुलवंत सिंह मनन द्वारा 1 लाख रुपए, कुलवंत सिंह मनन संगत की ओर से लगभग 80 लाख रुपए का सहयोग मिला है। एस.जी.पी.सी. के कर्मचारियों ने भी 2 करोड़ रुपए से अधिक का योगदान दिया। कुल मिलाकर अब तक 2,99,30,779 रुपए एकत्रित हुए हैं। इसके अलावा सहायता काउंटरों के माध्यम से भी संगत ने 2 करोड़ रुपए से अधिक की भेंट दी। कुल मिलाकर लगभग 7 करोड़ रुपए की राशि एकत्रित हुई


