अजमेर में विशेष गहन पुनरीक्षण(SIR) को लेकर आपत्ति दर्ज करवाने का आज आखिरी दिन है। गुरुवार को नगर निगम नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली के नेतृत्व में कांग्रेसी कलेक्ट्रेट पहुंचे। कांग्रेसियों ने बीएलए द्वारा दर्ज करवाई गई आपत्तियों को लेकर नाराजगी जताई। कांग्रेसियों ने बीएलए पर फर्जी आपत्ति लगाकर वोटर के नाम काटने का आरोप लगाया। कांग्रेसियों की ओर से इसे लेकर जिला कलेक्टर और उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन के जरिए फर्जी आपत्तियों के जरिए काटे गए नाम पर रोक लगाने की मांग की है। अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की प्रभारी और एसडीएम अजमेर (आईएएस) गरिमा नरुला ने बताया कि जो भी आपत्ति मिली है, उसमें नियमानुसार जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली ने बताया कि जिले में SIR को लेकर काम चल रहा है। इसके तहत बीजेपी के बीएलए जबरदस्ती 200 से 300 आपत्ति दर्ज करवा रहे हैं। माइनॉरिटी एरिया में जहां कांग्रेस के वोटर है वाह अधिक आपत्तियां दर्ज करवाई जा रही है। कोली ने कहा कि जानबूझकर फर्जी आपत्तियां दर्ज करवाई जा रही है। इसके जरिए जिला कलेक्टर लोकबंधु को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन के जरिए इसकी जांच करवाने की मांग की है। अगर जांच में आपत्तियां फर्जी पाई गई तो फर्जी आपत्ती देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कोली ने कहा कि 2002 से मैपिंग होने के बावजूद भी आपत्ती दी जा रही है। इसकी गहनता से जांच करवाने की मांग की गई है। माइनॉरिटी एरिया से 1100 के करीब आपत्तियां दर्ज करवाई जा रही है। इसमें पूरा फर्जीवाड़ा चल रहा है। पार्षद ने भी दर्ज कराई वार्ड 32 से पार्षद आरिफ खान की ओर से भी जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। आरिफ खान ने ज्ञापन देकर बताया कि अजमेर दक्षिण के पुराने भाग संख्या 160 से 165 की वोटर लिस्ट से नाम हटाने हेतु बीएलए विकास डीडवानिया, गणेश सिंह, मोहन सिंह और विनोद कुमार सहित अन्य द्वारा बूथों से लगभग 1200 नाम के वोटर की फर्जी शिकायत कर नाम हटाने शिकायत भेजी है। इस मामले में जांच करवा कर कार्रवाई की जाए। दौराई में एक ही व्यक्ति के नाम से 31 के नाम कटवाने के फॉर्म, आपत्तिकर्ता खुद बेखबर अजमेर अजमेर में निर्वाचन विभाग के एसआईआर कार्यक्रम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दौराई गांव में एक ही व्यक्ति के नाम हस्ताक्षर से 31 मतदाताओं के नाम कटवाने के आक्षेप सामने आए हैं। जबकि संबंधित व्यक्ति बेंगलुरु में नौकरी कर रहा है और उसने किसी भी आक्षेप से साफ इनकार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रामीणों का दावा है कि 530 मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए प्रारूप 7 भरे गए हैं, जबकि उपखंड अधिकारी पुष्कर का कहना है कि उन्होंने ऐसे कोई फॉर्म नहीं भेजे। पुष्कर विधानसभा क्षेत्र में ही कुल 17 नाम कटवाने के लिए आक्षेप मिले हैं। रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत के इस टकराव से दौराई के अल्पसंख्यक समुदाय में वोटर लिस्ट से नाम कटने का डर गहराता जा रहा है। मामले की तह में जाने के लिए भास्कर ने भी उन प्रारूप को देखा जिनमें एक ही व्यक्ति द्वारा 31 लोगों के नाम पर आक्षेप किए गए हैं। आक्षेप लगाने वाले व्यक्ति का नाम भी माजिद है। 31 फॉर्म इसी के नाम से सामने आए हैं। प्रारूप 7 में अलग-अलग मतदाता के नाम पर आक्षेप किए गए हैं। माजिद का विधानसभा क्षेत्र पुष्कर है और उसका यूएच के नंबर 2256592 है। उसके हस्ताक्षर भी किए गए हैं। सभी प्रारूप पर हस्ताक्षर व यूएचके नंबर समान हैं।


